रखते सदा इनायत की नजर.

याद करते जिन्हें , जल्द आते नहीं।

आ भी जाते अगर,पर ठहरते नहीं ।।

याद आने और करने में , फर्क है बहुत।

एक रहते वही , एक रहते कहीं ।।

दिल बुलाता तो आते , हैं दोनों सही ।

एक तत्तक्षण तो एक, जल्द आते नहीं ।।

जो भी करते हैं , वो तो गलत भी नहीं ।

ध्यान उनका कभी भी , विचलता नहीं ।।

पुकार सुनते नहीं ,उनकी आवाज को ।

सुनते आवाज में जो , भरी वेदना को ।।

वेदना हर किसी का , समझते वही ।

बताने की पड़ती , जरूरत नहीं ।।

रखते सब पर सदा , इनायत की नजर ।

कौन करता है क्या , आता जाता किधर ।।

कोई कुछ भी कहे , सुन तो सब का रहे।

दिल के अन्दर की बातों को , भी सुन रहे।।

चाह कर भी न कोई, छिपा पाता खुद को।

बात दिल में जो रहती, पता वह भी सबको।।

लाखों कोशिश किये ,पर सफल न हुए।

वक्त काफी लिये पर , विफल ही हुए ।।

विफलता ही सफलता की, बनती है कूॅजी ।

हौसला की बुलंदी ,ही बनती है पूॅजी ।।

जिनमें हो हौसला ,वे सफल हो ही जाते।

फिसलते भी थोडा , सम्हल भी वे जाते।।

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