प्यार से प्यार ही मिलता.

किसीको प्यार गर करते , कोई गुनाह तो करते नहीं।

लुटाते स्नेह लोगों में , अत्याचार तो करते नहीं ।।

पावन भावना चाहे , किसी के दिल में है कितनी ।

समय ही है बता सकता , अंदर में है क्या कितनी ??

बड़े जो पारखी होते , सिर्फ उनको नजर आती ।

आमजन जो वहां होते , उनको कहां दिखती ??

अमूमन प्यार के बदले , किसी को प्यार ही मिलता।

लगायें बाग आमों का , तो उसमें आम ही फलता ।।

जो कोई कार्य करता है , किये का फल उसे मिलता ।

सारे क्रिया की प्रतिक्रिया भी, सम हुआ करता ।।

न्यूटन कह गये हमलोग को, वे सत्य ही कह गये ।

कर के खोज लोगों को , ये बातें बता कर गये ।।

हो पावन भावना चाहेकिसी का,बहुतउत्तमहुआकरता।

दुर्भावना उनको ग्रसित , हरगिज न कर सकता ।।

सबों को प्यार करना ही , मानव धर्म हुआ करता ।

अन्यथा और सारे जानवर तो, खुद के लिये जीता।।

उसी गुण के लिये शायद, मानव श्रेष्ठ कहलाता ।

चिन्ता औरों के खातिर ,यही हरदम किया करता ।।

बड़ा हो सोच मानव का , तभी मानव हुआ करता ।

अन्यथा रूप धर उसका ,अन्य कोई जीव है रहता ।।

बड़ा सौभाग्य जब तेरा , तो मानव तन मिला करता।

कुपथ पर गर चले जाते, तो मिलना ब्यर्थ हो जाता ।।

मानव आये हो बनकर , तो सारे कर्म कर उनका ।

बनाया जो तुम्हें मानव ,मकसद पूर्ण कर उनका ।।

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