मुक्तक

30/12/2019

(०१)

सक्षम ,अक्षम कोई न होता, सिर्फ समय का फेरा है।

यही कराता है सबकुछ ही, इसीकी हाथों बेड़ा है ।।

गर्क करा दे,पार लगा दे, बस तेरा न मेरा है।

हम लोग सभी हैं कठपुतली,समय के हाथों डोरा है।।

(०२)

समय कराता हमसब करते, कुछ कियान इसमें मेरा है

हम सब तो तेरा अनुगामी,जो किया सभी कुछ तेराहै।।

हमसभी पतंगा आसमान का,पर डोर हाथ में तेरा है।

जो भी होता तुम्ही कराते,हम कैसे कहें हमारा है ??

(०३)

जन्नत में जायें , जहन्नुम में जायें ।

जैसा पेड़ लगाये , वैसा ही फल पाये।।

आक पेड़ में , आक ही फलते ।

खोजें गर आम वहां,आम कहां से पाये।।