बाबा साहब भीम राव अंबेडकर

चलो आज हम नमन करें, उस बाबा साहब भीम राव को।
आजादी की लडी़ लड़ाई, न्योछावर कर खुद को॥
तीव्र बुद्धि ले जन्म लिया, भारत की पावन धरती पर।
धन्य हुआ यह देश, जहॉं तू, जन्म लिया जिस माटी पर॥
भीमराव था नाम पड़ा, होनहार उस बालक का।
देश के हित में ध्यान लगाकर, मान बढ़ाया भारत का॥
ग्रहण किये शिक्षा ऊँची, तुम तो विदेश में जा कर।
मुक्त गुलामी से करने को, भिड़ गये भारत आ कर॥
योगदान अनमोल दिये, तुम भारत की आजादी में।
पूर्ण समर्पित कर खुद को, इस देश की सेवादारी में॥
दिये देश को संविधान, तुम उत्तम इसे बना कर।
विविध तरह के सूझ-बूझ से, मिल कर इसे सजा कर॥
संविधान का पालन कर ही, देश महान बना है।
इसके दिखाये पथ पर चल, देश नए कीर्तिमान गढ़ा है॥
काम बहुत था शेष बचा, तुम पूरे जो कर पाते।
महाप्रयाण कर असमय ही, हमें छोड़ नहीं जो जाते॥
तुम छोड़ गये पर, यादगार बन, सदा रहोगे छाये।
आभारी है वतन तुम्हारा, स्मरण न कैसे आये॥
जब तक भारत देश रहेगा, तेरी चमक न कम हो पायेगी।
भारत की अगली हर पीढी़, तुम्हें भूल कभी नहीं पायेगी॥
ऐ भारत के अनमोल रतन, शत नमन देश करता है।
तेरे पद चिन्हों पर चलने, का यतन सदा करता है॥
यादों की यह माला तुझको, आज पहनाने आया हूँ।
अनुशरण करेगा देश सदा, मैं वादा करने आया हूँ॥