बचपन मेरे

बचपन मेरे, इतना बता, क्यों याद यूं आते हो तुम. दिल के भरते जख्म को, कुरेद फिर जाते हो तुम.. बचपन की बातें और थी, तब पज्ञी था, उड़ता गगन में. उन्मुक्त था, जाउँ जिधर, दिल सदा रहता मगन मे.. जवाबदेही क…

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