मुक्तक

1. कागज़ पर, पैग़ाम लिखा होता है.
दिल में पर, अरमान लिखा होता है.
कागज पर लिखा, तो सब पढे.
पर जो दिल का पढ़ ले, वो बस कोई एक होता है..

2. चमन वीराँ नही होता, गुलों की हानि से.
कलियॉं मुस्कुराती है, कल की रवानी से.
पड़ूँ मैं हार बन, देवों के गले.
या दुल्हन के करों में जाऊँ मैं, वरमाल बन के..